javascript required
गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक

(लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम, 1994

आवेदन की स्थिति

पंजीकृत आवेदन की स्थिति जानने के लिए ...

शिकायत दर्ज करें

शिकायत दर्ज करने के लिए ...

शिकायत की स्थिति

दर्ज शिकायत की स्थिति जानने के लिए ...

अपील

अपने अपील की स्थिति को जानें ...

प्रमुख कार्यकर्ता

श्री जय प्रताप सिंह
मा० मंत्री, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तर प्रदेश सरकार
श्री अमित मोहन प्रसाद, आई०ए०एस०
प्रमुख सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तर प्रदेश शासन
डॉ० मिथिलेश चतुर्वेदी
महानिदेशक, परिवार कल्याण/अध्यक्ष, राज्य समुचित प्राधिकरण, पी०सी०पी०एन०डी०टी० अधिनियम, 1994, उ०प्र०
श्रीमती अपर्णा यू०, आई०ए०एस०
मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश

महत्वपूर्ण लिंक

पीसी एवं पीएनडीटी में आपका स्वागत है

गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम ,1994 भ्रूण हत्या और भारत में गिरते लिंग अनुपात को खत्म करने के लिए भारत की संसद द्वारा पारित अधिनियम है। अधिनियम में पूर्व लिंग निर्धारण करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अधिनियम का मुख्य उद्देश्य गर्भाधान के पहले या बाद लिंग चयन तकनीक के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने और सेक्स चयनात्मक गर्भपात के लिए प्रसव पूर्व निदान तकनीक के दुरुपयोग को रोकने के लिए है।

समाचार एवं घटनाक्रम

अधिक जानिए...